गुजरात

Gir जंगल में शेरों की मौत से हड़कंप, संक्रमण के बाद 17 शेर अलग किए गए

Kavita2
29 May 2026 9:40 AM IST
Gir जंगल में शेरों की मौत से हड़कंप, संक्रमण के बाद 17 शेर अलग किए गए
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Gujarat गुजरात: गुजरात के गिर जंगल में एशियाई शेरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। हाल के हफ्तों में एक संक्रमण फैलाने वाले वायरस के कारण सात शेरों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। मृत शेरों में चार शावक भी शामिल हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है।

गिर जंगल (Gir Forest National Park) दुनिया में एशियाई शेरों की एकमात्र प्राकृतिक आबादी का प्रमुख निवास स्थान माना जाता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का संक्रमण वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ा खतरा माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति न केवल शेरों की आबादी के लिए, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण के लक्षण दिखाने वाले 17 शेरों को तुरंत बाकी झुंड से अलग कर दिया गया है, ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। इसके साथ ही निगरानी और जांच को और तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात की हैं, जो लगातार शेरों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

जानकारी के अनुसार, अब तक आठ शेर ऐसे पाए गए हैं जो इस वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। इन मामलों के सामने आने के बाद जंगल प्रशासन ने अतिरिक्त सावधानी बरतनी शुरू कर दी है और संक्रमित क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियों को भी सीमित कर दिया गया है।



वन विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संक्रमण का तेजी से फैलना वन्यजीवों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है, खासकर तब जब यह एशियाई शेरों की एकमात्र सुरक्षित आबादी को प्रभावित कर रहा हो। इसलिए संक्रमण की श्रृंखला को रोकने के लिए तत्काल अलगाव और निगरानी बेहद जरूरी है।

अधिकारियों ने बताया कि मृत पाए गए शेरों के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि वायरस के प्रकार और संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही पूरे जंगल क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान भी चलाया जा रहा है।

स्थानीय वन्यजीव संरक्षण टीमों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों को भी स्थिति पर नजर रखने के लिए शामिल किया गया है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संक्रमण आगे और न फैले और शेरों की आबादी को सुरक्षित रखा जा सके।

गिर जंगल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पर्यटकों को निर्धारित मार्गों से ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है और कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में अस्थायी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

कुल मिलाकर, गिर जंगल में शेरों की मौत और संक्रमण का यह मामला वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन और विशेषज्ञों की कोशिश है कि जल्द से जल्द स्थिति पर नियंत्रण पाया जाए और एशियाई शेरों की इस अनमोल आबादी को सुरक्षित रखा जा सके।

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